मुजफ्फरनगर विधानसभा में आज़ादी के बाद कौन जीता, कौन हारा? किसे कितने वोट मिले — 1951 से 2022 तक पूरा चुनावी इतिहास

मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट (विधानसभा क्षेत्र संख्या 14) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक रही है। आज़ादी के बाद से इस सीट पर अलग-अलग दौर में कांग्रेस, जनसंघ/भाजपा, समाजवादी दलों, जनता दल और अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

नीचे 1951 से 2022 तक मुजफ्फरनगर विधानसभा के प्रमुख चुनाव परिणाम वर्षवार दिए गए हैं। हाल के वर्षों में जहां उपलब्ध है, वहां प्रमुख उम्मीदवारों के वोट और वोट प्रतिशत भी शामिल किए गए हैं।

Muzaffarnagar Election result

2022 विधानसभा चुनाव कपिल देव अग्रवाल ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की

विजेता: कपिल देव अग्रवाल — भाजपा — 1,11,794 वोट (49.57%)
उपविजेता: सौरभ स्वरूप बंसल — RLD — 93,100 वोट (41.28%)

2022 के चुनाव में भाजपा के कपिल देव अग्रवाल ने RLD के सौरभ स्वरूप बंसल को हराकर लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीता। दोनों के बीच मुकाबला काफी नजदीकी रहा और RLD प्रत्याशी को भी 93 हजार से अधिक वोट मिले।

अन्य प्रमुख प्रत्याशियों में BSP के पुष्पांकर दीपक को 10,733 और AIMIM के इंतजार अंसारी को 3,750 वोट मिले।

कुल मतदान: 2,25,543 — 62.89%


2017 विधानसभा चुनाव — कपिल देव अग्रवाल ने सपा के गौरव स्वरूप को हराया

विजेता: कपिल देव अग्रवाल — भाजपा — 97,838 वोट (45.38%)
उपविजेता: गौरव स्वरूप बंसल — सपा — 87,134 वोट (40.41%)

2017 में भाजपा के कपिल देव अग्रवाल और समाजवादी पार्टी के गौरव स्वरूप बंसल के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। कपिल देव अग्रवाल ने लगभग 10,704 वोटों के अंतर से चुनाव जीता।

BSP के राकेश कुमार शर्मा तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 21,038 वोट मिले।

कुल मतदान: 2,15,602 — 64.49%


2015 उपचुनाव — कपिल देव अग्रवाल ने फिर जीत हासिल की

विजेता: कपिल देव अग्रवाल — भाजपा — 65,378 वोट (42.05%)
उपविजेता: गौरव स्वरूप बंसल — सपा — 58,026 वोट (37.32%)

2015 का चुनाव मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के रूप में हुआ। इसमें भाजपा के कपिल देव अग्रवाल और सपा के गौरव स्वरूप बंसल के बीच मुख्य मुकाबला रहा। कपिल देव अग्रवाल ने करीब 7,352 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

RLD के मिथलेश पाल तीसरे और कांग्रेस के सलमान सईद चौथे स्थान पर रहे।

कुल मतदान: 1,55,467 — 46.05%


2012 विधानसभा चुनाव — चितरंजन स्वरूप की वापसी

विजेता: चितरंजन स्वरूप — सपा — 59,169 वोट (34.96%)
उपविजेता: अशोक कुमार कंसल — भाजपा — 44,167 वोट (26.09%)

2012 में समाजवादी पार्टी के चितरंजन स्वरूप ने भाजपा के अशोक कुमार कंसल को हराया। चितरंजन स्वरूप को करीब 15 हजार वोटों की बढ़त मिली।

BSP के अरविंद राज शर्मा तीसरे और कांग्रेस के सोमांश प्रकाश चौथे स्थान पर रहे।

कुल मतदान: 1,69,256 — 56.10%


2007 विधानसभा चुनाव — भाजपा के अशोक कुमार कंसल विजयी

विजेता: अशोक कुमार कंसल — भाजपा — 49,817 वोट (31.78%)
उपविजेता: चितरंजन स्वरूप — सपा — 38,566 वोट (24.60%)

2007 में भाजपा के अशोक कुमार कंसल ने समाजवादी पार्टी के चितरंजन स्वरूप को हराकर सीट अपने नाम की। BSP के बलेश कुमार और RLD के मुश्ताक चौधरी क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

कुल मतदान: 1,56,744 — 43.12%


2002 विधानसभा चुनाव — चितरंजन स्वरूप ने भाजपा को हराया

विजेता: चितरंजन स्वरूप — सपा — 58,932 वोट (38.45%)
उपविजेता: कपिल देव अग्रवाल — भाजपा — 49,809 वोट (32.50%)

2002 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के चितरंजन स्वरूप विजयी रहे। उन्होंने भाजपा के कपिल देव अग्रवाल को करीब 9,123 वोटों के अंतर से हराया।

BSP के मिथलेश पाल तीसरे स्थान पर रहे।

कुल मतदान: 1,53,273 — 47.59%


1996 विधानसभा चुनाव — सुशीला अग्रवाल ने भाजपा को जीत दिलाई

विजेता: सुशीला अग्रवाल — भाजपा — 60,696 वोट (38.80%)
उपविजेता: सोमांश प्रकाश — जनता दल — 53,144 वोट (33.97%)

1996 में भाजपा की सुशीला अग्रवाल ने जनता दल के सोमांश प्रकाश को हराया। BSP के मिथलेश पाल तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 39,903 वोट मिले।


1993 विधानसभा चुनाव — भाजपा के सुरेश सांघल की बड़ी जीत

विजेता: सुरेश सांघल — भाजपा — 92,400 वोट (52.85%)
उपविजेता: कादिर राणा — सपा — 64,683 वोट (37.00%)

1993 के चुनाव में भाजपा के सुरेश सांघल ने 92 हजार से अधिक वोट प्राप्त किए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कादिर राणा को हराया। दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर करीब 27,717 रहा।


1991 विधानसभा चुनाव — सुरेश सांघल फिर विजयी

विजेता: सुरेश सांघल — भाजपा — 67,997 वोट (54.59%)
उपविजेता: वीरेंद्र सिंह — निर्दलीय — 35,830 वोट (28.77%)

1991 में भी सुरेश सांघल ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार वीरेंद्र सिंह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के सुभाष माहेश्वरी तीसरे स्थान पर रहे।


1951 से 1989 तक मुजफ्फरनगर विधानसभा का चुनावी इतिहास

पुराने चुनावों में आज की तरह सभी वर्षों में एक समान राजनीतिक दल और चुनावी परिस्थितियां नहीं थीं। इस दौर में कांग्रेस, जनसंघ, जनता पार्टी, जनता दल और अन्य दलों का प्रभाव अलग-अलग समय पर देखने को मिला।

1989

विजेता: सोमांश प्रकाश — जनता दल — 76,874 वोट
उपविजेता: महेंद्र प्रकाश डागा — कांग्रेस — 34,983 वोट

1989 में जनता दल के सोमांश प्रकाश ने कांग्रेस के महेंद्र प्रकाश डागा को हराया।

1985

विजेता: चारुशिला — कांग्रेस — 33,931 वोट
उपविजेता: राम कुमार — भाजपा — 15,059 वोट

1985 में कांग्रेस की चारुशिला ने भाजपा के राम कुमार को हराकर सीट जीती।

1980

विजेता: विद्या भूषण — कांग्रेस (I) — 33,973 वोट
उपविजेता: भाग चंद — JNP(SC) — 21,895 वोट

1980 में कांग्रेस (I) के विद्या भूषण विजयी रहे।

1977

विजेता: मालती शर्मा — जनता पार्टी — 39,590 वोट
उपविजेता: रतन लाल — कांग्रेस — 21,682 वोट

1977 में जनता पार्टी की मालती शर्मा ने कांग्रेस के रतन लाल को हराया।

1974

विजेता: चितरंजन स्वरूप — कांग्रेस — 25,099 वोट
उपविजेता: मालती शर्मा — भारतीय जनसंघ — 19,573 वोट

1974 में कांग्रेस के चितरंजन स्वरूप ने जीत दर्ज की।

1969

विजेता: सईद मुर्तजा — BKD — 21,665 वोट
उपविजेता: केशव गुप्ता — कांग्रेस — 18,596 वोट

1969 में BKD के सईद मुर्तजा ने कांग्रेस के केशव गुप्ता को हराया।

1967

विजेता: विष्णु स्वरूप — निर्दलीय — 13,052 वोट
उपविजेता: मालती शर्मा — भारतीय जनसंघ — 12,270 वोट

1967 का चुनाव बेहद नजदीकी रहा। निर्दलीय विष्णु स्वरूप ने मालती शर्मा को लगभग 782 वोटों से हराया।

1962

विजेता: केशव गुप्ता — कांग्रेस — 18,557 वोट
उपविजेता: सईद मुर्तजा — निर्दलीय — 15,576 वोट

1962 में कांग्रेस के केशव गुप्ता विजयी रहे।

1957

विजेता: द्वारका प्रसाद मित्तल — कांग्रेस — 25,251 वोट
उपविजेता: प्रेम सुख — PSP — 8,354 वोट

1957 में कांग्रेस के द्वारका प्रसाद मित्तल ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की।

1951 — पहला विधानसभा चुनाव

विजेता: द्वारका प्रसाद मित्तल — कांग्रेस — 21,940 वोट
उपविजेता: ब्रह्म प्रकाश — सोशलिस्ट पार्टी — 4,460 वोट

आजादी के बाद मुजफ्फरनगर विधानसभा क्षेत्र के शुरुआती चुनावों में 1951 में द्वारका प्रसाद मित्तल कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुए। इस तरह इस सीट के चुनावी इतिहास की शुरुआत कांग्रेस की जीत के साथ हुई।


मुजफ्फरनगर विधानसभा का चुनावी सफर एक नजर में

वर्षविजेतापार्टीउपविजेतापार्टी
2022कपिल देव अग्रवालBJPसौरभ स्वरूप बंसलRLD
2017कपिल देव अग्रवालBJPगौरव स्वरूप बंसलSP
2015कपिल देव अग्रवालBJPगौरव स्वरूप बंसलSP
2012चितरंजन स्वरूपSPअशोक कुमार कंसलBJP
2007अशोक कुमार कंसलBJPचितरंजन स्वरूपSP
2002चितरंजन स्वरूपSPकपिल देव अग्रवालBJP
1996सुशीला अग्रवालBJPसोमांश प्रकाशJD
1993सुरेश सांघलBJPकादिर राणाSP
1991सुरेश सांघलBJPवीरेंद्र सिंहIND
1989सोमांश प्रकाशJDमहेंद्र प्रकाश डागाINC
1985चारुशिलाINCराम कुमारBJP
1980विद्या भूषणINC(I)भाग चंदJNP(SC)
1977मालती शर्माJNPरतन लालINC
1974चितरंजन स्वरूपINCमालती शर्माBJS
1969सईद मुर्तजाBKDकेशव गुप्ताINC
1967विष्णु स्वरूपINDमालती शर्माBJS
1962केशव गुप्ताINCसईद मुर्तजाIND
1957द्वारका प्रसाद मित्तलINCप्रेम सुखPSP
1951द्वारका प्रसाद मित्तलINCब्रह्म प्रकाशSP

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर विधानसभा का चुनावी इतिहास कई राजनीतिक बदलावों का गवाह रहा है। 1951 में कांग्रेस से शुरू हुआ यह सफर अलग-अलग दौर में जनसंघ/भाजपा, समाजवादी धारा, जनता दल और अन्य दलों की जीत देख चुका है। हाल के वर्षों में कपिल देव अग्रवाल इस सीट पर लगातार तीन विधानसभा चुनावों—2015 उपचुनाव, 2017 और 2022—में जीत दर्ज करने वाले प्रमुख नाम के रूप में सामने आते हैं।

नोट: पुराने चुनावों में निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं, राजनीतिक दलों के नाम/रूप और चुनावी परिस्थितियों में समय के साथ बदलाव हुए हैं। इसलिए 1951–1989 के आंकड़ों को वर्तमान विधानसभा क्षेत्र से सीधे तुलना करते समय निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन और आधिकारिक चुनाव रिकॉर्ड को ध्यान में रखना उचित होगा।


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